Wednesday, 11 August 2021
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» अफगानिस्तान से पत्रकार की डायरी:‘मेरी सगी बहन तालिबान के कब्जे वाले इलाके में फंसी है, एक-दूसरे से बात कर रो लेने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है’
अफगानिस्तान से पत्रकार की डायरी:‘मेरी सगी बहन तालिबान के कब्जे वाले इलाके में फंसी है, एक-दूसरे से बात कर रो लेने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं है’
from विदेश | दैनिक भास्कर
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